Thursday, 27 November 2008

|| ज़िन्दगी ||

ज़िन्दगी का अब कोई भरोसा है नहीं

आज तो है पर कल शायद न हो कहीं

रहे जाए न कोई बात किसी से अनकही

क्या पता आज ज़िन्दगी का आखरी दिन तो नहीं

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